How Work Law of Attraction in Hindi

How Work Law of Attraction in Hindi - इस दुनिया में काफी नियम हैं जो हर एक इंसान उनको फॉलो करता हैं, मगर आज हम जिस नियम के बारे में बात कर रहे है वो..
How Work Law of Attraction in Hindi

Introduction

Law Of Attraction की Series में आपका एक बार फिर से ShareHindi में स्वागत हैं। मुझे खुशी है कि आप हमारी इस Series को पढ़ने के लिए हमारी पोस्ट के आने का इंतजार करते हैं।
आज का नियम जो हम शुरू करने जा रहे हैं वो बहुत ही महत्वपूर्ण नियम हैं। जिसको आप एक दम शांत स्वभाव से पढ़े और हमारी कही हुई बातो पर विचार विमर्श करे। क्योंकि आज का नियम आपको एक अलग Level पर लेकर जाने वाला हैं और आपको सोचने के लिए मजबूर भी कर सकता हैं।

हम पिछले 2 नियम के बारे में जान चुके हैं जिसके अंदर हम अपने साथ चलने वाली Super Power और Goal Setting के बारे में सीखा हैं। अगर आप पहले 2 नियम को Miss कर चुके हैं तो मैं आपको कहना चाहूंगा कि आप पहले उन नियम को पढ़े तभी आपको इस नियम की अच्छे से जानकारी हो पाएगी। उस नियम को पढ़ने के लिए हमने एक Special Post की हुई हैं जिसमे आपको हर एक नियम के लिंक मिल जाएंगे।

हमने पिछले नियम में एक Automatic Software के बारे में चर्चा की हैं जो प्रकृति ने हमारे काम को पूरा करने के लिए बनाया हैं। आज हम उसको इस्तेमाल करना सीखेंगे और जानेंगे कि हम उस Software को किस तरह से चला सकते हैं और अब तक हम उसको कैसे चलाते आ रहे हैं।

How Work Law Of Attraction Guide in Hindi

इस दुनिया में काफी नियम हैं जो हर एक इंसान उनको फॉलो करता हैं, मगर आज हम जिस नियम के बारे में बात कर रहे है वो आकर्षण का सिद्धान्त हैं। जिसके फॉलो तो करते हैं मगर उनको अच्छे से इस्तेमाल करना नही आता। जिसको आज हम यहां सीखेंगे।

क्या आप जानते हैं प्रकृति के कुछ स्टिक नियम हैं जिसको कोई भी इतेमाल करे फर्क नहीं पड़ता ( वो चाहे अमीर हो या गरीब ) । वो काम करता ही हैं जैसे: अगर आप तीसरी मंजिल से नीचे कूदोगे तो आप नीचे ही गिरोगे, कभी भी ऊपर नही जाओगे।

हमें जितने भी परिणाम मिलते हैं वो असल में आपकी कोई Energy का ही नतीजा होता हैं , जो ना कभी खुद बनती हैं और ना ही कभी नष्ट होती हैं। जो आपके साथ अपनी ज़िंदगी में हो रहा हैं उसके बारे में आप पहले ही सोच चुके होते हैं। एनर्जी का आपको परिणाम मिलता जरूर हैं। आइये इसको हम एक उदाहरण के साथ समझते हैं :

अगर आप पानी के भरे तलाब में पत्थर मार रहे हो तो आप उस पत्थर पर अपनी एनर्जी लगा रहे हो जो पानी के साथ मिल जाती हैं और वो एनर्जी एक लहर का रूप ले लेती हैं। वो लहर तब तक नहीं रुकती जब तक कोई अलग एनर्जी उसको रोक न दे। ऐसे ही आपका परिणाम तब तक चलता रहता हैं जब तक कोई दूसरी एनर्जी उसको रोक ना दे।

एनर्जी का परिणाम आप जैसा इनपुट करोगे वैसा ही मिलेगा, चाहे वो सकारात्मक हो या नकारात्मक फर्क नहीं पड़ता हैं।

Physical Energy in Law of Attraction

अब हम कुछ भौतिक ऊर्जा के उदाहरण समझते हैं कि आखिर भौतिक ऊर्जा क्या होती हैं और उसका आकर्षण के सिद्धांत में क्या काम हैं।

  • हमारे अंदर कुछ भौतिक ऊर्जा होती हैं जो कुछ समय के लिए काम में आती हैं जैसे: रात्रि में स्वप्न देखते समय हमारी भौतिक ऊर्जा का इस्तेमाल होता हैं।
  • जो व्यक्ति अपने दिमाग से ज्यादा काम लेते है वो जल्दी ही थक जाते हैं कैसे डॉक्टर और साइंटिस्ट एक मजदूर के मुकाबले ज्यादा थकावट महसूस करते हैं क्योंकि वो ज्यादा काम दिमाग से लेते हैं।
  • हम अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल हर समय करते हैं सिर्फ हमें ये महसूस करने की जरूरत हैं कि वो ऊर्जा हम कहा लगा रहे हैं। जैसे: अगर कोई फुटबॉलर फुटबॉल को Kick मारता हैं तो उसका परिणाम उसको उसी समय मिल जाता हैं। उस फुटबॉल से उसको वो ही परिणाम मिलेगा कैसा वो चाहेगा मगर वो परिणाम उसको एक पत्थर के ऊपर kick मारने से नहीं मिलेगा। इसीलिए हमें जहां ऊर्जा का इस्तेमाल करना हैं उस जगह को हमें महसूस करना भी जरूरी हैं।
  • जब भी हम अपनी ऊर्जा लगा रहे हैं हमें उसको सही दिशा में देने की जरूरत हैं, अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको वो ही परिणाम मिल सकता हैं जिसकी आप कामना करते हैं।
  • इंसान के शरीर में 2 तरह के मन होते हैं : चेतन मन और अवचेतन मन
    जब कोई किसी भी तरह का कार्य होता हैं तो चेतन मन और अवचेतन मन दोनों ही अपना काम करते हैं और साथ बढाते हैं।
    डर, गुस्सा और प्यार कोई भी भावना हो उसके बारे में अवचेतन मन चेतन मन को कहता है कि मैं आगे क्या कर करूँ। चलिए हम इसको एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं:
    जब किसी रूम में अंधेरा हो जाता हैं तो हमारे मन कुछ इस तरह से वार्तालाप करते हैं-
    चेतन मन : कमरे में अँधेरा हो गया हैं।
    अवचेतन मन : अगर डर लग रहा हैं तो कुछ ऐसा ढूंढो जिससे उजाला हो सके।
    ऐसे करके दोनों मन बाते करते हैं किसी में इनका तालमेल कम होता हैं और किसी में तालमेल ज्यादा।
  • हम अपने दिमाग का सिर्फ 10 प्रतिशत ही इस्तेमाल करते हैं, हमारा दिमाग काफी ताक़त रखता हैं जिसको हमें सिर्फ इस्तेमाल करने की जरूरत हैं।
  • अगर आपकी ज़िंदगी में हर बार कुछ न कुछ बुरा होता हैं तो यकीन मानिए ये सब आपके दिमाग का कसूर हैं। आप उसको ठीक करने के लिए अपने दिमाग को Moniter करे ताकि आप अपनी आगे की ज़िंदगी को अच्छे से जी सको। जैसा आप सोचते हैं वैसा ही आपके साथ होता हैं। प्रकृति किसी के साथ भी भेदभाव नहीं करती। प्रकृति को नहीं पता होता कि आप क्या सोच रहे हैं वो आपने बोलने पर नहीं आपकी Image पर काम करता हैं।
  • अंत में आपको में आपको एक महत्वपूर्ण बात बताना चाहता हु की अगर आप कोई भी काम को 21 दिन तक लगातार करते हैं तो वो पुरा होता हैं। इस बात के लिए हम सुक्रगुजार हैं कि हमारा काम होने में समय लगता हैं क्योंकि अगर हमारा काम उसी समय हो जाये तो काफी अनहोनी हो सकती है। हमारा दिमाग एक समय में एक जगह पर कभी नहीं टिकता।
  • आज के नियम में हमने जाना कि हम कैसे आकर्षण के सिद्धांत को इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपने हमारे नियम को पूरा पढा हैं और किसी बात पर आपकी आपत्ति हैं तो आप हमसे कमेंट में पूछ सकते हैं। अगर आपको हमारी दी जानकारी अच्छी लगी हैं तो पोस्ट को शेयर करे और हमारे Blog के साथ बने रहे।